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by Uma Vaishnavसमय यात्रा भाग - 6
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उस मैदान के सामने ही एक घास और बांस के दंडों से बनी एक झोपडी में से एक लड़की पाव में कुछ घुँघरू एक धागे से बांधे आती नजर आती है उसके हाथ में एक पानी का भरा माटी कलश हैं, लेकिन सब से हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि वो बिल्कुल सुप्रिया जैसी दिख रही थी। यह देख कर ही सुप्रिया बहुत हैरान हो रही थी। अब उसकी समझ में सब आगया था कि क्यूँ सब उस को लाची समझ रहे थे।

तभी मोबाइल फोन की आवाज से सुप्रिया की आँख खुल जाती हैं। वो कॉल उठाती है, ये कॉल उसकी फ्रेंड रिया का था। जो कि ऑस्ट्रेलिया रहती है।

सुप्रिया... Hello..

रिया... हे.. Hii.. सुप्रिया... Riya here...

सुप्रिया... Ohh.. Riya तुम कैसी हो.. आज इस समय... फोने किया...आर यू ओके.?

रिया... ओ हो.. डोंट वरी आई यम ओके..? तू स्टॉक होने वाली है

सुप्रिया.. ओह.. क्या बताऊँ... मै तो ऑलरेडी शॉकड हूँ।

रिया.. अरे. रे रे.. वो कैसे.. अभी मैंने तो अपना सरप्राइज बताया ही नहीं।

सुप्रिया.... सरप्राइज?? कैसा... सरप्राइज ?

रिया.. यही है कि मैं इंडिया आ गई हूँ... और कुछ ही देर मैं तेरे घर पहुँचने वाली हूँ..

सुप्रिया... क्या??.. तूने ये सब मुझे पहले क्यूँ नही बताया। मैं कुछ बना कर रखती।

रिया.. कोई बात नहीं.. अब बना लेगें।... वैसे मैंने तुझे दो बार कॉल भी किया था.. पर तेरा फोन नोट रिचऎब आ रहा था।

तभी सुप्रिया को याद आता है कि शायद वो उस समय उस किताब को पढ़ रही होगी।

सुप्रिया.. अच्छा.. ठीक है... तुम जल्दी से घर आ जा फिर हम आराम से बाते करते हैं।

रिया... ठीक है.. मेरी माँ.. Ok Bye

सुप्रिया... Ok.. Bye.. इतना कह कर फोने कट कर देती है।

सुप्रिया मन में सोचती हैं, चलो अच्छा है कि रिया आ रही है, उस से ये सारी बात बताऊँगी.... शायद उसके पास मेरे सवालो का जवाब हों। या यह भी हो सकता है कि उसी ने यह बूक भेजी हो। सुप्रिया को याद आता है कि रिया को उस के हाथ का हका नूडल्स बहुत पसंद है, वो जल्दी से नूडल्स बनाने में लग जाती है, तभी दूर बेल बजती हैं, सुप्रिया दरवाजा खोलती है.. सामने रिया होती है।

सुप्रिया... Ohh.. रिया तुम आ गई।

रिया... यस.. सरप्राइज.

सुप्रिया... वैसे.. ये सरप्राइज तो.. तूने पहले ही ख़त्म कर दिया... अब मेरा सरप्राइज.. गेस.. कर.. सोचो.. सोचो.. क्या हो सकता है।

रिया... पता है.. सब पता है.. हका नूडल्स.. हैं ना

सुप्रिया.. ओ ओ.. तुम्हे.. सब कैसे पता चल जाता है।

रिया.. क्यूँ नहीं चलेगा.. आखिर तू मेरी बेस्ट फ्रेंड जो हैं।

सुप्रिया... हाँ.. वो तो ठीक है पर इस के अलावा भी एक सरप्राइज और हैं, जिस के बारे में मैं तुझे बाद में बताऊँगी.. पहले तू नहा धोकर फ्रीस होजा फिर बैठ कर आराम से सारी बाते करेगें।

रिया.. ठीक है.. मै अभी आती हूँ।

कुछ देर बाद रिया नहा धोकर फ्रेस हो जाती है, इतने में सुप्रिया खाना लगा देती है दोनों खाना खाने के बाद एक साथ बैठते हैं, रिया सुप्रिया से उसके दूसरे सरप्राइज के बारे में पूछती है, तब सुप्रिया उस किताब के बारे में सारी बातें बताती हैं और अपने सपने के बारे में भी बताती हैं। रिया उसकी बातों पर विश्वास नही करती है तभी रिया के मोबाइल पर मेक का विडियो कॉल आता है। रिया बात करते करते मेक को सुप्रिया से मिलाती है।

रिया... ओ.. मेक.. मीट माइ बेस्ट फ्रेंड.. सुप्रिया!

मेक... Hii.. सुप्रिया..

सुप्रिया कुछ rly नहीं देती है, वो बिल्कुल खमोश.. सिर्फ एक टक मेक की तरफ देखती रहती है, तभी..

कहानी जारी रहेगी...


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