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Story · Abstract

तारे

by Anupama Tiwari ✓ · 2 Sept 2017

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मैं आज भी तारे देख रहा हूँ बस जगह बदल गई है और एक बात और कि तब सारे तारे चमकीले दिखते थे, अब धुंधले दिखते हैं। बहुत धुंधले ।अच्छा हुआ तुम तारा बन गईं पर और ज्यादा अच्छा होता कि मैं भी तुम्हारे साथ तारा बन जाता।

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