- कुसंस्कारी लड़कीPriyanka Gupta · 4 min read · 375 readsवैसे वह अगर इसे कुसंस्कारी होना मानती है तो यह उनकी समस्या थी, रितिका की नहीं।Abstract
- वो सुबह तो कभी आएगीPriyanka Gupta · 4 min read · 265 readsतक का लम्बा सफर किया है हम लोगों ने। "मैंने सब्जियाँ उठाकर किचेन में जाते हुए कहा।Abstract
- धरती को बचाओ Prompt 8Priyanka Gupta · 1 min read · 155 readsमानव को बचाओ, मानव को बचाओ,
प्रकृति की ओर लौटो, अब यह चिल्ला रहे थे।Abstract
- बुरा मत मानना दीदीPriyanka Gupta · 3 min read · 383 readsउनकी बात का बुरा मत मानना दीदी। ",काव्या ने सरिता को कहा।Abstract
- वो अच्छी लडक़ीPriyanka Gupta · 5 min read · 164 readsशुभा भी वो अच्छी लडक़ी थी,जिसे दूसरों ने बुरा बना दिया था।Abstract
- विचारों का दीपVishal Kumar · 3 min read · 14.3K readsमैंने अपने पुत्र को समझाया “ बेटा हम यंहा एक सदभाव से आए है. हमारा व्यव्हार किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे से क्यों भड़कने लगा, संसार का कोई भी व्यक्ति हमारे भीतर के भलेपन को कैसे रौंद सकता है. हम साधु और बिच्छू की वो कथा क्यों भूल जाते है ,जिसमे बिच्छू के बार-बार डंक मारने के पश्चात् भी साधु ने अपनी अच्छाई का, अपनी इंसानीयत का, अपने मानव धर्म का दामन नही छोड़ा.तो फिर हम जरा सी बात पे अपने आप को, अपने व्यव्हार को अपने अन्दर के भोलेपन को क्यों बदल देते है.
Inspirational
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