by Santosh Srivastava ✓ · 19 Aug 2017
तभी एक चुलबुली लहर ने दोनों के पैर भिगो दिऐ और लौटकर समंदर के सीने में समा गई। मीरा के चेहरे पर आई ख़ुशी दूर-दूर तक फैल गई। वह भीगे क़दमों से चलते हुऐ गाने लगी- “आबला पा कोई इस दश्त में आया होगा, वरना आँधी में दिया किसने जलाया होगा।”
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