
आमूमन ज़िन्दगी दौड़ते हुए कुछ ऐसे किस्से दे जाती है, जो जीवन भर भुलाये नहीं भूलते। कभी उनमे बेइन्तहा ख़ुशी होती है, तो कभी दर्द भरा ग़म। उन्ही कुछ खट्टे-मीठे किस्सों में से एक किस्सा मेरा भी है। अब ये कितना सच है, ये तो केवल ईश्वर ही जानता है। न मैं, और न आप।
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