
त्यौहार हो .....सबने खाना कर छत पर ही बिस्तर लगा कर सोने की तैयारी कर ली और मुझे कोने की जगह मिली. आज जब पड़ोसी के घर गई वो भूत की बाते कर रहे थे लेटते ही वही सब मन मे आ गया इसलिए माँ से कहा मेरे बगल मे सो जाना मुझे डर लग रहा है .....और फिर कब आँख लग गई पता भी न चला..... लेकिन जब देर रात मेरी आँख खुली तो मै सुन्न हो गई जब माँ सामने खाट पर थी तो मेरे बगल मे कौन था???? ये सोचकर मेरे पसीने छुटने लगे....लेकिन मुझे एेसे क्यूँ छु रहा है????
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