by Vishnu Nagar ✓ · 22 Aug 2017
मैंने फिर से चुप रहना ही ठीक समझा क्योंकि मैं मानता हूँ कि मुझमें अक़्ल है और जिसमें अक़्ल होती है वह मित्र की टेढ़ी बातों पर भी कूटनीतिक चुप्पी लगाने में उसका पूरा इस्तेमाल करता है!
Loading comments…
Loading comments…