by Nikhil Sharma ✓ · 20 Mar 2017
ये लम्हा थम जाये यहाँकभी मुस्कुराकर , कभी गीत गा करकभी लम्हों को मन में सजाकर आरज़ू बस है यह कहे कल हम रहें न रहें
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