Smita Singh ✓
Literary Brigadier0Followers
0Following
10Works
अपना ज़माना आप बनाते हैं अहले-दिल, हम वे नहीं कि जिसको ज़माना बना गया.. इन पंक्तियो मे मुझे मेरा अक्स दिखता है।
No audio yet.
अपना ज़माना आप बनाते हैं अहले-दिल, हम वे नहीं कि जिसको ज़माना बना गया.. इन पंक्तियो मे मुझे मेरा अक्स दिखता है।
No audio yet.