इस दुनिया की हज़ारों आवाज़ों के बीच कुछ ऐसी आवाज़ें भी हैं जो शब्द तलाश रही हैं। उन्ही आवाज़ों को दो शब्द दे पाऊँ तो ख़ुद को ख़ुशनसीब समझूँगी।
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