आत्म परिचय ----------------- मैं हूँ ब्रजेन्द्रनाथ, 1975 से टाटा स्टील का साथ। कर्मक्षेत्र जमशेदपुर, जन्मक्षेत्र गया विहार। रहता हूँ मानगो संजय पथ। सेवा निवृत्त होकर, छः साल पूर्व। साहित्य सेवा में बीतता है वक्त, दो पुस्तकें दिल्ली से प्रकाशित "छाँव का सुख" कहानी संग्रह, "डिवाइडर पर कॉलेज जंक्शन" उपन्यास। अमेज़न किंडल पर "कौंध" कविता संग्रह। "आई लव योर लाइज" कहानी संग्रह। "ताज होटल गेटवे ऑफ इंडिया" लघु उपन्यास, "छूटता छोर अंतिम मोड़", "कोरोना कनेक्शन" उपन्यास। वेबसाइट हिंदी प्रतिलिपि पर कहानियाँ और धारावाहिक उपन्यास प्रकाशित। अपना ब्लॉग मर्मज्ञानेट. ब्लॉग्स्पॉट, अपना यूट्यूब मर्मज्ञानेट। "पेड़ों की छाँव तले रचना पाठ" से पाँच वर्षों से जुड़ाव, पिछले दो वर्षों से अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने दिया हमारी साहित्य विधा को आकाश तुलसी भवन से भी जुड़ाव रहा है, जहाँ हुआ है मेरी साहित्यिक प्रतिभा का विकास। यही है मेरा जीवन का संचय, और इसे ही समझें मेरा आत्म परिचय। ©ब्रजेन्द्रनाथ