
Vivek Kumar
Literary Captain0Followers
1Following
7Works
क्यों ख्वाबों में डूबे रहते हो? कभी दिल की रंगत में डूब जाना। साँसों से कभी जवाब न माँगना, बस दिल में तमन्ना की छोटी दीप जलाए रखना।।

क्यों ख्वाबों में डूबे रहते हो? कभी दिल की रंगत में डूब जाना। साँसों से कभी जवाब न माँगना, बस दिल में तमन्ना की छोटी दीप जलाए रखना।।