Balram Agarwal
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हवा में तैर रही ऐसी आवाजों को जिन्हें स्थूल कानों से सुनने में मनुष्य आम तौर पर अक्षम ही रहता है, कथा के माध्यम से अन्त:करण तक पहुँचा देने की कोशिश करता हूँ।
हवा में तैर रही ऐसी आवाजों को जिन्हें स्थूल कानों से सुनने में मनुष्य आम तौर पर अक्षम ही रहता है, कथा के माध्यम से अन्त:करण तक पहुँचा देने की कोशिश करता हूँ।