
मैं विजय एक विद्यार्थी हूँ और अध्ययन के साथ-साथ लेखन में भी विशेष रुचि रखता हूँ लेखन के उपरांत मेरा सर्वाधिक प्रिय संगीत है। जिसमें मैं अपना सुक़ून बख़ूबी ढूढ़ लेता हूँ। मेरा जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ है। मुझे लेखन का शौक तो दसवीं से ही था परंतु उस पर अध्य्यन के दौरान पूरा नियंत्रण न रख सका। स्नातक के पश्चात भी यही हॉल रहा कैरियर की घुड़सवारी में लगाम वहीं तक सीमित रही। परन्तु लेखन का सिलसिला चले न चले लफ्ज़ ऐसे तर्ज़ अक्सर अपने आप प्रकट कर देते थे जिससे उसकी अटूटता का अनुभव मुझे हमेशा ही होता रहता था। लेखन की असल शुरुआत 2017 से हुई और अभी तक वह सिलसिला ज़ारी है। यहाँ पर प्रकाशित लेख उसी सीख का एक छोटा सा हिस्सा हैं जिसे मैंने आपके सम्मुख प्रस्तुत किया है। पाठकगण जब मेरी पोस्ट पढ़ेंगे तो खुद को मेरे तुल्य पाएंगे ऐसा मेरा विश्वास है। एक पाठक जब भी पढ़ते वक्त खुद को उसी अनुरूप देखता है जिस अनुरूप लेखक द्वारा लिखा गया है तो एक लेखक का लेखन सफल हो जाता है। "धन्यवाद"
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