Loading…
अपने बारे में कहूं तो मैं लेखक या कवि कतई नहीं हूं। मैं रंगमंच में काफ़ी समय से सक्रिय एक विद्यार्थी हूं जो कभी कभार लिख भी लेता है। रंगकर्म करते हुए मुझे लगभग ८ साल होने को आए हैं और इस अवधि में कुछ नाटकों में अभिनय, कुछ का निर्देशन, कुछ कहानियों के नाट्य रूपांतरण किए जिन्हें बच्चों एवं बड़ों सभी के साथ प्रयोग किए। मेरी लेखनी का ज़्यादातर हिस्सा आम जीवन से आता है और माफ़ी के साथ कहना चाहूंगा की वह कटाक्ष ही होता है। कुछ प्रेम की भूली बिसरी यादें भी संजो लेता हूं। बस कोशिश रहती है बच्चों के लिए जितना हो सके करूं उन्हें एक नयी दिशा दूं। स्कूल में नाटक का शिक्षक भी हूं तो उनसे जुड़ा भी रहता हूं।
No stories yet.