खुद की तलाश में मैं इक सफर पे हूँ, मुश्किल है जिसपे चलना ऐसी डगर पे हूँ, मंजिल जो मिले तो बता सकूंगी मैं, कौन हूँ कहाँ से और किस जगह पे हूँ । (TGT-Sanskrit at Kendriya Vidyalaya, Patna)
No poems yet.