
यद्धपि किसी के लिये भी भावों को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम लेखनी है, परन्तु मेरे सरीखे अन्तर्मुखी व भावना प्रधान व्यक्तियों के लिये लेखनी एक वरदान है। कभी-कभी मैं कविता एवं लेख के माध्यम से अपने भावों को अंकित करती थी जिसमें से कुछ प्रकाशित हुईँ। कम्प्यूटर क्षेत्र में कार्यरत रहते हुए बच्चों के लिय दो पुस्तकें लिख प्रकाशित कराने का अवसर मिला। यह पुस्तकें अत्यंत लोकप्रिय हुईं। कुछ अरसे के लिये लेखनी पर लगभग पूर्ण विराम लग गया था। मेरी भाभी चन्द्र प्रभा कुमार जो Story mirror की अत्यंत सक्रिय लेखिका हैं, ने मुझे फिर से क़लम उठाने के लिये प्रेरित किया। Story mirror ने मेरी लेखनी को प्रकाशित कर मेरा उत्साह वर्धन किया। अब तो लेखनी मेरी सबसे प्रिय सखी बन गई है। इसके लिये मैं अपनी भाभी चन्द्र प्रभा कुमार व Story mirror को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।
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