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##hawa#khamoshi
7 poems
कमरे की टूटी खिड़की
EK SHAYAR KA KHAWAAB · 1 min read · 266 reads
इस जर्जर कमरे की टूटी खिड़की से हवा अंदर आती तो है।
Abstract
हाँ, वो तो है
Nikhil Sharma · 1 min read · 1.3K reads
कुछ अनसुने से ख्वाब आए आँखों में सुना दी कुछ हसरतें, बातों बातों में फिर कह दिया, यह सिर्फ बातें हैं चलो इस तरह बतियाते तो हैं जवाब में थी हंसी कि
Others
ख़ामोशी
Nikhil Sharma · 1 min read · 1.2K reads
कब बच्चा माँ से दर्द का इज़हार करता है कब खुदा से कोई दीदार करता हैख़ामोशी की ज़ुबां से ही तो हर रिश्ता चहकता है
Others
कुदरत की मनमानी
Shraiyansh Daagar · 1 min read · 228 reads
देख रहे है शान से, कुदरत की मनमानी।
Abstract
बस तुम
Rishi Raj Singh · 1 min read · 14.5K reads
फिर मैं ख़ामोशी लिखूंगा, तुम्हारी बातों को बुनकरऔर तुम 'काशी' लिख देना टपकते उन आँसू को सुनकर
Romance
ख़ामोशी एक ज़ुबा
Shalini Sinha · 1 min read · 13.8K reads
"ख़ामोशी एक ज़ुबा" जो समझ सकता कोई,तो शायद ये दिल ना, रोता अकेले बैठ यूँ ही।
Comedy
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