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#घाट
27 poems
बनारसी इश्क़
निखिल कुमार अंजान · 1 min read · 7.9K reads
गंगा घाट है तू मेरा जिस में लगा के डुबकी थाम ली है इश्क़ की कश्ती।
Drama
'फगुनिया'
Arpan Kumar · 4 min read · 13.7K reads
उसकी कृशकाय काया बड़े-बड़ों की माया तले , दब जाती है, बार बार खींच साँस अंदर, वह रह रह जाती है..अपनी ताक़त और सत्ता के दम पर
Tragedy
छठी मैया
MD ASHIQUE · 1 min read · 115 reads
मधु उषा की लाली में मन तन कण स्नान डूब भर कर शीतल करती है
Abstract
गंगा महिमा
Nand Kumar · 1 min read · 306 reads
अभिलाषा मेरी यही, वसौ तिहारे घाट। दरश परश मज्जन करौ, तजौ सकल भव ठाट।।
Abstract
प्यार की इन्तेहाँ
Bhavna Thaker · 1 min read · 336 reads
मैं नतमस्तक सी इतना ही बोली हाँ ये प्यार की इन्तेहाँ है।
Romance
किसी घाट पर
Shirish Pathak · 1 min read · 176 reads
ख़ामोशी चाहता हूँ मैं
Romance
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