by Arpan Kumar ✓ · 3 Apr 2018
उसकी कृशकाय काया बड़े-बड़ों की माया तले , दब जाती है, बार बार खींच साँस अंदर, वह रह रह जाती है..अपनी ताक़त और सत्ता के दम पर
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