Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#घड़ी
65 poems
शतरंज
SIJI GOPAL · 1 min read · 269 reads
शतरंज की बाज़ी है लगी, ख़ुशियाँ आगे बढ़ रही हैं, मुश्किलें भी चालें चल रही हैं।
Inspirational
ग़ज़ल :- ज़ीस्त के ख़ौफ़ो - ज़लज़ल
Ashok Goyal · 1 min read · 154 reads
मेरे दिल पर मेरी हुक़ूमत है। हर घड़ी दिल के ही कहे में हूँ।
Others
भरोसा
Vivek Mishra · 1 min read · 246 reads
जहाँ पाँव रखूँगा तो जा गिरूँगा ओंधे मुंह और मेरे ख़्वाब चाकनाचुर हो ज़ायेंगे जैसे कर दिये थे तुमने पिछली दफ़ा
Inspirational
मैं दौड़ी पीछे पीछे
Lata Bhatt · 1 min read · 284 reads
हर वक्त समय की खिट पिट से सुबह चार बजे ही नहीं कि घड़ी जगा देती है। फिर एक घड़ी भी बैठने नहीं देती।
Others
आज नींद नहीं आएगी
Pratik Rajput · 1 min read · 554 reads
घड़ी की छोटी सुई भी आज दिख रही है, एक मद्धम सी रौशनी है कमरे में, फिर भी, शायद इस दिल पर कोई अनजान सा भार है,
Others
वक़्त
Yogita Takatrao · 1 min read · 764 reads
ना घमंडी वक़्त रुका, ना हम चलते गये वक़्त जैसे...
Abstract
Loading…
Next page →