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#देह
140 poems
दुनिया का पहला पेड़
Tahir Ali · 2 min read · 351 reads
और उनके साथ खत्म हो रहा था जंगल का अस्तित्व धरती कि देह फिर गर्म हो चली थी बादलों ने मातम करना आरम्भ कर दिया चारों और त्राहि त्राहि मच गई
Others
पहचान
Shelly Jain · 1 min read · 224 reads
अहम भाव से बाहर नहीं आ पाती स्वंय में स्व को बांधकर स्वंय को खोज नहीं पाती
Inspirational
मोह जाल
Mani Aggarwal · 2 min read · 346 reads
लूट कर वो चोर मेरी, गाढ़ी कमाई ले गया। बावला सा चीखता- चिल्लता मैं दौड़ता गया !
Classics
ख्वाबों में फूले कमल-दल
Ravi Purohit · 1 min read · 476 reads
विगत नेह का स्मृद्ध फलक बयां करती है।
Abstract
सबसे लम्बी श्मशान
Chandramohan Kisku · 1 min read · 377 reads
वह चीन की बड़ी दीवार में टहलने के समय या दूर से देखते हुए।
Tragedy
रूह के रिश्ते
Suman Sachdeva · 1 min read · 388 reads
विरले ही होते हैं जो पहुंच पाते हैं रूह के करीब।
Drama
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