by Tahir Ali ✓ · 15 May 2019
और उनके साथ खत्म हो रहा था जंगल का अस्तित्व धरती कि देह फिर गर्म हो चली थी बादलों ने मातम करना आरम्भ कर दिया चारों और त्राहि त्राहि मच गई
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