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#भूत
34 poems
भूत से मत डर
बोधन राम निषाद राज · 1 min read · 197 reads
डरना है किस बात से, हिम्मत से लो काम। भय तो भाई है वहम, भूत प्रेत ज्यों नाम।।
Others
चिन्तन
Shakuntla Agarwal · 1 min read · 786 reads
आम था , आम हूँ , आम रह गया इस राह में ! भविष्य जब आता है , आँखें नहीं मिला पाता हूँ ! टूटता जब तिलस्म तो , सच से भय खाता
Inspirational
काश की कशमकश
Sunita Nandwani · 1 min read · 685 reads
बता दें उन सब को जिनकी वजह से जिन्दगी में भोर है।
Abstract
सच्ची प्रीत
अंजु लता सिंह · 1 min read · 395 reads
हंसते हंसते रोने का ही नाम है सच्ची प्रीत।
Romance
पर है तो
Krishna Khatri · 1 min read · 324 reads
पन्द्रह दिनों का उत्सव जो होता केवल आडंबर करके आडंबर हो जाते छूमंतर !
Abstract
अतीत मेरा सामने
Neha Pandey · 1 min read · 329 reads
मेरी परछाई बनकर खड़ा है।
Drama
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