Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#रण
34 poems
रणनाद
Kavi Vijay Kumar Vidrohi · 2 min read · 14.1K reads
तैयार रहो लो ख़त्म हुआउस रणभेरी का गुंजन अतिवीर बढ़ो अब रणपथ परखुद करो कालअभिनंदन कर छिन्न भिन्न हर शत्रु उठा पुरजोर मुखर तलवारें आकाशदामिनी वार बनें निजनयन बनें अंगारे
Others
वही वीर कहलायेगा
Brajendranath Mishra · 1 min read · 672 reads
जिसका ऐसा दृढ़ संकल्प हो, वही वीर कहलायेगा।
Drama
वीर बनो
Om Prakash Fulara · 1 min read · 1K reads
कायरता को त्याग अभी हृदय में हुँकार भरो वीर बनो बलवान बनो देशहित में काम करो।
Action
नारी की व्यथा कथा
लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव · 1 min read · 218 reads
सम वर्चस्व का अब नव जागरण, देश के उन्नति में नारी का योगदान हुआ।
Abstract
सर्वोपरि भारत
Deepak Mandrawal · 1 min read · 992 reads
23 वर्ष की अल्प आयु में भगत सिंह बन जाता है।
Abstract
रण... धेर्य का
Atul Kumar · 1 min read · 392 reads
“घर” भरे हैं “रणभूमि” खाली मेल-मिलाप सब बन्द हो गए।
Tragedy
Loading…
Next page →