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#रूप
354 poems
हमदर्द
Devendra Singh · 1 min read · 1.5K reads
नहीं है चाहत हमे धन दौलत की, ना हमे तिजोरी भरना है क्या होगा धन जुटा के जब खाली हाथ ही हमे मरना है
Abstract
नही है चाहत
Swetalana Negi · 1 min read · 6.6K reads
नहीं है चाहत हमे धन दौलत की, ना हमे तिजोरी भरना है, क्या होगा धन जुटा के, जब खाली हाथ ही हमे मरना है।
Abstract
नदी की प्रार्थना
Nitu Arora · 1 min read · 408 reads
प्रकृति के नियमों का पालन करना मेरे जल को साफ रखना।
Drama
मान सम्मान
Amit Bhatore · 1 min read · 258 reads
बना रहे एक दूसरे पर विश्वास कटु शब्दों न पहुँचे किसी को ठेस
Inspirational
सोलमेट
Nalanda Wankhede · 1 min read · 374 reads
साथ ना छोड़ना कभी चाहे कितनी भी पथरीली हो डगर।
Romance
परमपिता परमात्मा
Neerja Sharma · 1 min read · 242 reads
परमात्मा की हर कृति के लिए कौटी - कौटी नमन।
Abstract
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