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Poem · Abstract

हमदर्द

by Devendra Singh ✓ · 17 Apr 2018

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नहीं है चाहत हमे धन दौलत की, ना हमे तिजोरी भरना है क्या होगा धन जुटा के जब खाली हाथ ही हमे मरना है

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हमदर्द · StoryMirror