StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- दंगा-जनता-नेताDhan Pati Singh Kushwaha · 2 min read · 336 readsदेश विभाजन, चौरासी या - कैसे, कोई, चाहे कहीं के दंगे हों,
सब भड़काऊ - मंच के पीछे, आमTragedy
- सामाजिक मूल्यShivanand Chaubey · 2 min read · 681 readsजिसमे सबका हो निहित लाभ, करना है नर को वही कार्य ।।
कुछ मूल्यों से चलता समाज, हो हर मानव हित दृष्टि एक ।।
चलना उस पर जो मान्य पंथ, करना भूले मत पथ अनेक ।।Inspirational
- स्वार्थी इन्साननिशा परमार · 1 min read · 24 readsऐसे इन्सान के मन में खुद के अलावा
किसी के लिये प्यार नहीं होता।Drama
- राखAsha Pandey 'Taslim' · 1 min read · 178 readsनारियल के अंदर की बातें
कभी समझ न आए।Abstract
- जगद जननी अंबे माँSunita Pandya · 2 min read · 242 readsतेरे नाम से ही मेरा काम बना माँ
दास हूं मैं तेरा, मेरी आस बन माँ
मेरी आस है तू ,Abstract
- अन्नदाता की मांगBhoop Singh Bharti · 1 min read · 278 readsकहती ये सरकार, लाभ का बिल अन्नदाता।Tragedy
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