by Shivanand Chaubey ✓ · 20 Jul 2019
जिसमे सबका हो निहित लाभ, करना है नर को वही कार्य ।। कुछ मूल्यों से चलता समाज, हो हर मानव हित दृष्टि एक ।। चलना उस पर जो मान्य पंथ, करना भूले मत पथ अनेक ।।
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