Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#सज़ा
32 poems
काम की बात
Rekha Bora · 1 min read · 207 reads
लालच में टाॅफी के, तुम कभी न आना। अगर हो जाये ग़लती, तो तुम न घबराना
Children Stories
तेरे प्यार में पागल हूँ !
S Ram Verma · 1 min read · 343 reads
तेरे हर दर्द को मैं अब , अपना दर्द समझता हूँ ; तेरी हर ख़ता को मैं अब , अपनी ही
Romance
अना
Rinku Bajaj · 1 min read · 345 reads
तन्हाई सता रही है मुझको अकेलापन खा गया है मुझको जब भी मैने हँसना चाहा ग़मों ने गले लगाया मुझको ज़िन्दगी कोई सज़ा नहीं है कोई भी ग़लती गुनाह नहीं है
Tragedy
नफरत की आग
Mani Aggarwal · 1 min read · 622 reads
तभी अचानक एक धमाके नें वहाँ का नज़ारा बदल दिया, हँसी-खुशी के माहौल को भगदड़ और चीखों में बदल दिया,
Tragedy
खंडहर
Veena Mishra ( Ratna ) · 1 min read · 331 reads
कातिल है वो मासूम और निर्दोषों का, गुनाहगार ये सच कभी जान पाता।
Tragedy
मासूम की चीख़
Avitesh R · 1 min read · 261 reads
ऊपर वाला भी आज पछताया होगा क्यों इन दानवो को इंसान बनाया होगा वो माँ भी शर्मसार होगी आज इनपर जिसने ऐसे असुरों को दूध पिलाया होगा
Others
Loading…
Next page →