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#हरि
15 poems
सुनो कृष्णा
Mani Aggarwal · 1 min read · 264 reads
आओ पालनहार हो तुम, प्रेम का आधार हो तुम, हो अनुग्रह साँवरे आ जाओ हृदय में बिठाएँ। जो तुम्हें भाएँ बना दें अपने हाथों से खिला दें, कर लो अब स्वीकार कृष्णा ये जगतहित कामनाएँ।
Others
यज्ञ कुंड विचारों का होता है
Rashmi Prabha · 1 min read · 450 reads
देख पाओ या नहीं देख पाओ, देता भगवान ही है।
Drama
श्रीमद्भागवत - ३९;दित्ति का गर्भधारण
Ajay Singla · 2 min read · 383 reads
हरि का प्रत्यक्ष दर्शन करे वो प्यारा होगा वो भक्तजनों का।
Classics
श्रीमद्भागवत -३६; मन्वंतर काल विभाग का वर्णन
Ajay Singla · 3 min read · 287 reads
दो प्रारब्ध का काल जो है वो हरि का एक निमेष होता है।
Classics
मनहरण घनाक्षरी १
Rahul Dwivedi 'Smit' · 1 min read · 262 reads
मीरा राज योग में भी, बावली सी भागती।।
Classics
सवैया : तेरे इन नैनन में
हरि शंकर गोयल · 1 min read · 379 reads
कौन बिधि कहूँ कैसी गति भई "हरि" की कामिनी सरक गयो जब तेरो अंचरा।
Romance
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