by Mani Aggarwal ✓ · 23 Aug 2019
आओ पालनहार हो तुम, प्रेम का आधार हो तुम, हो अनुग्रह साँवरे आ जाओ हृदय में बिठाएँ। जो तुम्हें भाएँ बना दें अपने हाथों से खिला दें, कर लो अब स्वीकार कृष्णा ये जगतहित कामनाएँ।
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