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#ख़त
42 poems
आख़री ख़त
आख़री ख़त
Swaty Singh · 1 min read · 13.8K reads
कसमें खायी थीं जिन्होंने आख़री दम तक साथ निभाने की जनाज़ा उठने भर की देर थी बस ज़हमत भी न थी उनमें मेरा मातम मनाने की।
Others
ख़्वाहिशें
Sunita Agarwal · 1 min read · 358 reads
जवाब नहीं मिलता तो ढूंढ़ती हैं, तलाशती हैं मुझे.…और फिर झकझोर देती हैं मुझे,
Others
लिखे जो ख़त ।।।
Zuhair Abbas · 1 min read · 310 reads
कुछ एहसास थे छुपाए हुए
Romance
गुजरा जमाना
Aparna P · 1 min read · 431 reads
यादों पर छाया अंधेरा झट से दूर हुआ । बेचैन हुई उन्हे मिलने के लिए!!
Tragedy
वजूद का हिस्सा !
S Ram Verma · 1 min read · 245 reads
वो चाहता तो कई सितारे तराशता मुझ से शायद उसे सितारे पसंद नहीं वरना वो यूँ दूर न रहता मुझ से
Romance
इश्क़ को मंज़िल तक पहुँचाये कौन
VIVEK ROUSHAN · 1 min read · 326 reads
कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की इस दुनिया में किताबों में लिखी प्यार भरी बातों को अब पढ़े कौन ?
Romance
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