- शत-शत नमन शहीदों कोPratibha Mahi · 2 min read · 1.2K readsआतंकी का खौफ बताओं, कब तक राज करेगा अब
घाव लगे हैं जो हृदय पर, उनको कौन भरेगा अब
बतलाओ क्या उत्तर दे हम, अपने वीर शहीदों को
करता भारत शीश झुकाकर, शत शत नमन शहीदों कोAction
- तभी तो फौजी कहलाता हूँAnand Shekhawat · 2 min read · 1.7K readsतुम्हें पता नहीं यारों,
तभी तो फौजी कहलाता हूँ।Action
- मैं जगत जननी, मैं ही काली, मैं ही दुर्गा अदि शक्ति.................Kalyani Borkar · 2 min read · 859 readsमैं लोग को आदिशक्ति क्या होती है अहसास दिलाना है।Abstract
- स्त्री होना आसान नहींShubhi Agarwal · 2 min read · 682 readsक्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं।Tragedy
- माननीय विश्वास लापालकार जी और मैं...JAYANTA TOPADAR · 3 min read · 368 readsमुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता परAction
- वो आख़िरी ख़तshalvi singh · 2 min read · 414 readsमैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ।Tragedy
- वीर कौनसुरभि शर्मा · 2 min read · 383 readsअब ऑनलाइन भी लड़कियों के लिए
नए नियम बना रहे हैं।Action
- बचपन की 15 अगस्त की यादेंVimla Jain · 3 min read · 402 readsकुछ नीति नियम के साथ भरपूर मस्ती के साथ।Action
- बहनेंदिनेश कुमार कीर · 3 min read · 265 readsबीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी मेंAction
- जय महाराणा प्रतापJaswant Lal Khatik · 2 min read · 35.3K readsछापली थी, मुगल छावनी,
दिवेर से, जीत की शुरुआत हुई ।
घोड़े समेत , बहलोल खाँ को चीरा,
वीर प्रताप की , जय जय कार हुई ।Action
- वंश चालिसाAMAN SINHA · 3 min read · 333 readsसब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश
उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होशAbstract
- काला पानीDR MANORAMA SINGH · 3 min read · 47 readsऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा,Abstract
- मैं नारी हूँKusum Joshi · 2 min read · 476 readsपहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ,Abstract
- शहीद की वेदनाSachin Gupta · 3 min read · 327 readsचुप – चुप अम्मा मेरी रहती है
लगता की सबसे वो रूठी हैTragedy
- दिल कहता हैJyoti Bhashkar Jyotirgamay · 2 min read · 261 readsजिंदगी अपने सारे माँ भारती
तेरे आँचल में ही मैं गुजार दूँ।Abstract
- शहीदो को नमनMeenakshi Kilawat · 2 min read · 27.8K readsयह कविता शहीदो को सलामी दे रही है।Action
सेल्युलर जेल
सेल्युलर जेलNishikant Deshpande · 2 min read · 603 readsपीपल का हूँ वृक्ष अभागा
सूखे नयनन कृश है काया।Action- मेरा स्वयं से साक्षात्कारVimla Jain · 3 min read · 55 readsआप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी।Action
- अटल विचार है अटल सिद्धान्त हैNand Lal Mani Tripathi pitamber · 2 min read · 449 readsअटल विचार है व्यवहार है जेठ
की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है।Action
- गांव बनाम शहरKrishna Bansal · 3 min read · 866 readsहम सब कविता के
एक एक शब्द को
आत्मसात कर रहे थे
आनंद ले रहे थे।Action
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