Children · Top ranked
हिन्दी · poems
- मम्मी-पापाDarsh Wani · 1 min read · 19.1K readsमम्मी-पापा ने पकड़ी थी मेरी उंगली जब मैं था छोटा,
वे मुझे शांत कराते, अक्सर मैं जब रोता,Children
- छोटी सी लड़कीINDU JAIN · 1 min read · 3K readsसुना है बड़ी हुई वो लड़की
दिल की अपने अब वो सुना नहीं करती।Children
- सुनहरा बचपनShreyansh Yadav · 1 min read · 2K readsहो जाती है ईर्ष्या कभी कभी दोस्तों के संग
फिर भी बाँटते हैं भोजन दोस्तों के संग।Children
- बचपनVINOD PANWAR पंवार_विनोद · 1 min read · 669 readsघर बनाये झोले ले जाते थे जहाँ वो चारदीवारी ढूंढ रहा हूं।Children
- गुल्लकेंSandeep Gupta · 1 min read · 3.3K readsख़ुद टूट कर भी,
दिलों को जोड़ने का,
जिगर रखती हैं गुल्लकें।Children
- एक पेड़ की हत्याVinita Rahurikar · 1 min read · 1K readsगिर जाते हैं मिट्टी में
दाने, सूखे फल
जो जमा कर रखे थे
गिलहरी ने आने वाले समय के लिए
टहनियों के बीच कहीं
दबा पड़ा रहता हैChildren
- जुगनू की सीखVandana Kumari · 1 min read · 14.6K readsदूसरों के काम जब आओगी
तुम तो चाँद जैसा चमकोगी।।Children
- स्कूल बैग का भारVivek Verma · 1 min read · 17.4K readsमाँ! बस्ते के बोझ तले मेरा बचपन दब रहा है,Children
- बचपन के दिनPawanesh Thakurathi · 1 min read · 925 readsउस दिन मैंने किताब खोली ही नहीं
जिस दिन उन्होंने कहा कि
किताब पढ़ना अच्छी बात है।Children
- जी लेने दो उन्हेंSara Garg · 1 min read · 513 readsउड़ान भरने दो उन्हें,
ये खुला आसमान
देख लेने दो उन्हें...Children
- मशाल बुझने न देBharat Jain · 1 min read · 960 readsमंजिल थोड़ी दिखने लगी,जिसके ऊपर ध्वज चढ़ा,
बस बाहें बढ़ाकर थामना है,अभी खुद को भटकने न दे,
अभी मशाल बुझने न दे!Children
- प्रकृतिAkanksha Rao · 1 min read · 1.6K readsपर्यावरण संरक्षण को
लक्ष्य बना लें,
ज्यादा नहीं बस थोड़ा समय तो
इसे दिया ही कीजिये।Children
- मम्मी हमको बहुत सतातीPushp Lata · 1 min read · 493 readsहमको कहती हम बच्चे हैं
अभी अकल से हम कच्चे हैं
समझ नहीं है हममें सारी
बहुत अलग यह दुनियादारी
मोटी पुस्तक हमें पढ़ातीChildren
- खोया प्रतिबिंबHarshita Belwal · 2 min read · 29.6K readsमेरा बचपन, मेरे सपनों में ही रह गया...!Children
- प्रयासAnushree Goswami · 1 min read · 26.9K readsये सपनों का ‘प्रयास’ है !Children
- अमिया का बाग़Shalu Dhillon · 2 min read · 1.2K readsपगला मन अब भी कहता है,
दोस्त ने नहीं पढ़ी वो कहानी थी।Children
- खोया बचपनManasi Naik · 1 min read · 15.8K readsचाहकर भी न भुला पाऊँ
उन लम्हों को
जिंदगी की नींव रखकर
खुद डूब गए उन बचपन के दिनों को।Children
- बचपनJeevan singh Parihar · 1 min read · 1K readsअच्छे भले थे हम उस बचपन के ज़माने में।Children
- मेरी बेटीSajida Akram · 1 min read · 1.1K readsनरम धूप ,
उतर आती है, छत पर,
आंगन में ,
फैल जाता है, पुखराजी प्रकाश।
हवाएं ठुमक कर,
गाने लगती हैं, प्रभाती(गीत)Children
- लाड़लीShailly Shukla · 1 min read · 27.5K readsबेटी की सच्ची दोस्त मॉं ही होती है, मॉं पर लिखीत सुंदर कविता।Children
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