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#Culture
13 poems
फैशन की दौड़
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 7K reads
कहां अभी स्वतंत्र हुए हम आजादी के इस दौर में।
Drama
बदलते चलन
Dr. Prakhar Dixit · 1 min read · 1.5K reads
मौन चौक के पनघट देखे गगरी कलशा रहा नहीं।
Drama
युद्ध का आह्वान
Mr Kaushal N Jadav · 1 min read · 528 reads
रामायण का राम हूँ मैं युद्ध का परिणाम हूँ,
Inspirational
धरोहर
Goldi Mishra · 1 min read · 427 reads
ऊंची ऊंची मिनारे सुना रही है बीती कहानियां, हमारी सभ्यता की महक से गुलशन है आज भी ये
Inspirational
पाश्चात्य संस्कृति का असर
Renu Sahu · 2 min read · 13.4K reads
आधुनिकता की होड़ में समस्त हिंद-समाज, खोता जा रहा है। पाश्चात्य संस्कृति की आँधी मेंं जकड़ता हुआ समाज, लगातार खोखला होता जा रहा है। संस्कृति और सभ्यता केवल इतिहास के पन्नों को भरती नज़र आती है। क्यों कि युवा-शक्ति ही पथभ्रष्ट दिखाई दे रही है। अन्य सभ्यताओं, संस्कृतियों को अपनाने मेंं कोई बुराई नहीं, लेकिन इन्हें अपनाकर अपनी सभ्यताओं को गौण करना सही नहीं।
Others
संस्कृति भारत की
Sarita Bakhshi · 1 min read · 611 reads
संस्कृति रक्षक उत्साहवर्धक रूप में कल्याण करें।
Classics
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