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#Dil-ki-Aawaj
51 poems
दिल-ए-समझो न
Ashwini Yadav · 1 min read · 13.7K reads
एक समय था वो मेरे रग-रग से वाकिफ़ हो जाने में परेशां था... और एक आज है मेरी सूरत भी नजरन्दाज करना ही उसे मुनासिब लगता है..... वाह मोहब्बत हाय रे आशिकी..
Romance
ख़ामोशी एक ज़ुबा
Shalini Sinha · 1 min read · 13.8K reads
"ख़ामोशी एक ज़ुबा" जो समझ सकता कोई,तो शायद ये दिल ना, रोता अकेले बैठ यूँ ही।
Comedy
सुन सखी
Anita Sharma · 1 min read · 187 reads
फिर से नए सवेरे के साथ चलेंगे एक नए उल्लास या किसी द्वन्द की ओर।
Fantasy
अब सूरज और चांद पर हम ग़ज़ल नहीं
Lavkush Yadav · 1 min read · 330 reads
महबूब से मुलाकात पर अब अज़ल नहीं लिखते।
Romance
कुछ बात करनी है
Shoumeet Saha · 1 min read · 284 reads
अर्सों बाद इक बात आयी है ज़ेहन में ज़रा पास आना कुछ बात करनी है।
Romance
मन के भीतर
Rachana Sharma · 1 min read · 1.2K reads
कहानी जो आज भी जीवंत है
Abstract
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