by Ashwini Yadav ✓ · 23 Jul 2017
एक समय था वो मेरे रग-रग से वाकिफ़ हो जाने में परेशां था... और एक आज है मेरी सूरत भी नजरन्दाज करना ही उसे मुनासिब लगता है..... वाह मोहब्बत हाय रे आशिकी..
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