- मृत्यु से मुलाकातShubhanshu Shrivastava · 3 min read · 892 readsलंका में अग्निकांड भी मैं थाChildren Stories
- जख्मों का रंगShashi Aswal · 2 min read · 1.2K readsन नारी अबला होती है
और न ही औरत
लाचार होती है।Drama
- दो राहें थींAbhishek shukla · 2 min read · 42.2K readsदो राहें थी,
इक घर को
इक सपनों की ओर चली...।Drama
- क्योंकि दिल कभी झूठ नहीं बोलताKetki Vaidya · 2 min read · 44.3K readsएक ही ज़िंदगी है,
अपनी इच्छाओं को पूरी करो
यही दुनिया के सारे द्वार खोलता है,
मैंने भी सीखा कि अरमान देखा करो...Drama
- पापा - आपका शुक्रियाPooja Yadav · 2 min read · 621 readsपापा तुम्हें कह नहीं पाती,
हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ।Abstract
- महाभारत प्रसंगAnsh Rajora · 2 min read · 54.5K readsविनाश सदैव विकल्प है
प्रथम खटकाओ सभी द्वार...!Drama
- कैसे लिख दूँShambhunath Vishwakarma · 1 min read · 44.7K readsजब तख्त की ज़ुबाँ
बोलनेे लगे अखबार,
तो कैसे लिख दूँ कि
कलम की ताकत अभी ज़िंदा है...।Drama
- बस...लिख देनाPrabal Pratap Singh Sikarwar · 1 min read · 43.5K readsइन मय-क़शी सदाओं में
ज़रा सी अज़मत भर देना...
गुज़ारिश है तुमसे,
एक बार,
बे-दिली से ही सही...
बस...लिख देना...!Drama
- ये रोज़ की दौड़ - ज़िन्दगीTrisha Anand · 2 min read · 41.8K readsख़ुशी तो जी बस इतनी है
जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं,
किसी ने आज तक
धर्म नहीं पूछा मज़ारों में...!Drama
- आज़ाद अनुMeenakshi Gandhi · 1 min read · 42.9K readsजिसका गहना
उसका मान सम्मान है
औऱ जिसकी मुस्कुराहट
उसके आज़ाद विचारों की पहचान है !Drama
- कुछ नए करने की अभिलाषाHimani Swarnkar · 1 min read · 42.2K readsलबों के छिपे राज़ो को जानते है,
चलो आज कुछ नया करते है..Drama
- सत्य हूं मैंKavi Suneel Kumar · 1 min read · 43.2K readsसत्य हूं मैं,
बिक चुका हूं झूठ के बाज़ार में ।
मैं अकेला चल रहा हूं...Drama
- शुक्रियाGoldi Mishra · 2 min read · 1.5K readsना जाने क्या है जो मुझे जाने नहीं देता,
एक एहसास है जो तुमसे दूर होने नहीं देता।Drama
- २.खेत की धूपGoldi Mishra · 2 min read · 26 readsमैं पिरोती जाऊं मोती आस के ना जाने क्यूं धागा फिसल जाता है,Drama
- कविताvivek verma · 1 min read · 43.7K readsछोटे बच्चों को ना रोको,
खेलने दो रेत में
पाक रहने दो उन्हें,
अपना गणित सिखलाओ मत...!Drama
- "बिलखती हुई रात"Poonam Godara · 2 min read · 1.6K readsक्यूँकि वो नाजायज़ थाDrama
- बेबाक बचपनAnushree Goswami · 1 min read · 44.8K readsबचपन के बारे में एक कविता...।Drama
- चल उठ प्रण करCA. Himanshu mehta · 2 min read · 43.5K readsमंजिल नाम अपने इस बार कर
चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...!Drama
- भूखा भिखारीअनुज शाहजहाँपुरी · 1 min read · 42.8K readsभूखा भिखारी...।Drama
मैं भीख नहीं माँगता
मैं भीख नहीं माँगताBharti gupta · 2 min read · 2.5K readsमेरे मन के युद्ध
मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे।Drama
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