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#Fiction
3 poems
ख्वाहिश
Akanksha Mishra · 1 min read · 13.6K reads
एक ख्वाहिश
Romance
परिन्दा
Rahul Dogra · 1 min read · 6.9K reads
पानी की धार में पर कट गऐ सूरज की गर्मी से हौसले जल गऐ। आज वो परिन्दा पिँजरे में है आज भी आशियाँ की खोज में है।
Others
जानकर शौक पाला मैंने लिखने का
Sachin Singh · 1 min read · 415 reads
कि उसे मैंने पहाड़ और पहाड़ को अपना महबूब कर दिया“
Abstract