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#Goodness
3 poems
मैं
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 6.8K reads
मानता हूँ मैं कि सांवला जरूर हूँ। मगर मन का मैं बिल्कुल शीशा हूँ।
Drama
हम
Dr. Razzak Shaikh 'Rahi' · 1 min read · 1.1K reads
समझे नहीं अब तक हमें, जाने कब जानोगे हम प्यार बांटते हैं, कातिल नहीं हैं हम !
Abstract
चाँद और सूरज
Chanpreet Singh · 1 min read · 7.1K reads
हुआ तो कभी सूरज भी चाँद का नहीं लेकिन खुद जल के चाँद को चमकाता है...।
Drama