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Poem · Drama

मैं

by नवल पाल प्रभाकर दिनकर ✓ · 18 Aug 2018

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मानता हूँ मैं कि सांवला जरूर हूँ। मगर मन का मैं बिल्कुल शीशा हूँ।

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मैं · StoryMirror