- मानव सो गया हैTanha Shayar Hu Yash · 1 min read · 7.2K readsतुम में क्या मानव सो गया है ?
इतिहास की तरह पन्नो में खो गया है...?Drama
- आज के दौर में हम क्या भूल रहेसुमित भारद्वाज · 1 min read · 1.2K readsदेश की रक्षा के खातिर
जो हंसते हंसते मिट गयी,
उस झांसी वाली रानी के
तेवर को भूल गये,
सीने पर गोली खाये
चंद्र शेखर को...Drama
- जर्जर खंडहरनवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 1.4K readsआज पुराने जर्जर खंडहरों से
आ रही हैं बस यही आवाज।Drama
- गवाही इतिहास कीPrasad Rajan Kr · 1 min read · 304 readsविजयी योद्धाओं के पराक्रम का,
गुमनाम मेहनतकशों के श्रम का।Abstract
- हे कलाम ! तुमको प्रणाम !Akhil Mishra · 1 min read · 14.3K readsतुम युगपुरुष, तुम युगदृष्टा
लगन, कर्मठता और है निष्ठा
अस्सीम सेवाएं अपनी देकर
देश को दिया नया आयाम !!
हे कलाम !Drama
- सड़कें आइना होती हैं शहर काSandeep Gupta · 1 min read · 1.5K readsदेखा होता है उसने,
सभ्यताओं को बसते और ढहते,
बस्ती को गाँव, गाँव को नगर,
नगर को महानगर बनते,
ख़ुद बनते-बिगड़ते सड़कों ने.Fantasy