120Log inSign up
Poem · Drama

हे कलाम ! तुमको प्रणाम !

by Akhil Mishra ✓ · 1 Aug 2018

28.6KReads
17Likes
1Min read

तुम युगपुरुष, तुम युगदृष्टा लगन, कर्मठता और है निष्ठा अस्सीम सेवाएं अपनी देकर देश को दिया नया आयाम !! हे कलाम !

Loading comments…

हे कलाम ! तुमको प्रणाम ! · StoryMirror