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#Nayika
12 poems
औरत जब टूट जाती है तब भी रचती है कविता
Naayika Naayika · 1 min read · 7.2K reads
नदियों का अपना कोई वज़ूद नहीं होता वो या तो प्यास बुझाती हैं या पाप धोती हैं......
Others
प्रेम का भूगोल : ऊष्ण कटिबंध
Naayika Naayika · 1 min read · 13.8K reads
मैंने देह की माटी पर प्रेम के बीज बोऐ हैं तुम अपनी प्रकाश किरणों से उसे संश्लेषित कर जाओ....
Others
आओ प्रेम करें.......
Naayika Naayika · 2 min read · 13.5K reads
सारा खेल प्रेम के उस चरम बिन्दु को पाने का ही तो है जिसके लिए रचे गऐ न जाने कितने सूत्र लेकिन किसी सूत्र में कहाँ उतरती है कोई प्रेम कविता
Others
ए ज़िंदगी गले लगा ले
Naayika Naayika · 1 min read · 14.3K reads
ए ज़िंदगी गले लगा ले हमने भी तेरे हर एक गम को गले से लगाया है ...है ना!!!!!
Inspirational
कविता: संबोधन
Naayika Naayika · 1 min read · 14.3K reads
बातें भी ऐसी ही होती हैंसंबोधन रहित,उसे पकड़ कर पिंजरे में नहीं डालना होता है,उसे मुट्ठी में भींच कर आसमान में उछालोकिसी बादल के फट जाने तक,तब बरसेंगी बातें और जिसको जैसे भीगना होगा भीग जाएगा।
Inspirational
मैं हूँ ही नहीं इस दुनिया की
Naayika Naayika · 1 min read · 14K reads
आँधियों के थमने पर चिड़िया फिर निकल पड़ती हैहवाओं को चीरती किसी चिड़े की तलाश में...बाढ़ में बिखर जाने के बाद भीनदी नहीं छोड़ती सागर तक की अपनी राह....और किताब में दबे एक गुलाब के सूख जाने के बाद भीउसकी महक ज़िंदा रहती है बरसो....
Fantasy
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