- परेशान
Sanket Singh · 1 min read · 14.1K readsयूँ एक खाली अथाह से मैदान में, कैसे जानू मैं?
मार्ग सीधा है, या कोई मोड़ है?
पदचिन्ह इतने सामने, हर दिशा को जाते, क्या ख़ुद को प्रदर्शक समझूँ , और ख़ुद को ही पथिक?
इस यात्रा का क्या उद्देश्य है?
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- भगत सिंह की चोले की अभिलाषाAshutosh Atharv · 1 min read · 15.4K readsहूँ इंतज़ार में,
और एक अभिलाषा छुपी मेरे अंदर
जब ‘फिर’ भगत की टोली आए
शौक़ से मेरे दर पर...!Drama
- भगतसिंहParamita Mishra · 2 min read · 7.2K readsजब नाम आये राष्ट्र भक्तों का,
ए भगतसिंह तू रहे सबसे आगे,
तू रहे सबसे आगे...!Drama
- आओ भगत !sawan pareta · 1 min read · 7.1K readsआओ भगत !
तुमको आज़ाद हिंदुस्तान दिखाता हूँ...।Drama
- A Salute to Shaheed Bhagat Singh, Sukhdev & RajguruAshish Aggarwal · 1 min read · 2K readsकोशिशों के बाद ही शुरू होता है, सिलसिला कामयाबियों का|Others
- भगत सिंहPradeep Soni प्रदीप सोनी · 1 min read · 6.7K reads‘दीप’ आजादी मुफ्त नहीं
बड़ा मोल चुकाना पड़ता है
खुली हवा में जीने को
हथियार उठाना पड़ता हैDrama
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