by Sanket Singh ✓ · 13 Jul 2017
यूँ एक खाली अथाह से मैदान में, कैसे जानू मैं? मार्ग सीधा है, या कोई मोड़ है? पदचिन्ह इतने सामने, हर दिशा को जाते, क्या ख़ुद को प्रदर्शक समझूँ , और ख़ुद को ही पथिक? इस यात्रा का क्या उद्देश्य है?
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