Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#Spirit
4 poems
वृक्षात्मा
Anushree Goswami · 2 min read · 14K reads
एक वृक्षात्मा...।
Drama
समय सारथी
Ashutosh Kumar · 2 min read · 13.8K reads
उस धैर्यवान राही को क्या, कोई बाधा अब रोक सके
Others
रुके ना तू झुके ना तू…
Madhvi Mahajan · 1 min read · 13.5K reads
रुके ना तू झुके ना तू, बन जा आंधी, कि फिर थमे ना तू | मन में ज्वाला जलने दे, सपनो की नगरी बसने दे | हुई जो भूल तो माफी मांग, ले चल साथ हाथ तू थाम |
Inspirational
उम्र का वो आखिरी पड़ाव
Navya Agrawal · 2 min read · 261 reads
अथाह प्रेम सागर में डूबे, हुआ दो दिलों का ऐसा संगम।
Romance