by Madhvi Mahajan ✓ · 31 Aug 2017
रुके ना तू झुके ना तू, बन जा आंधी, कि फिर थमे ना तू | मन में ज्वाला जलने दे, सपनो की नगरी बसने दे | हुई जो भूल तो माफी मांग, ले चल साथ हाथ तू थाम |
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