Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#Wine
3 poems
होठों का जाम
Avinash Kumar Barnwal · 1 min read · 1.4K reads
शायद आ जाए वो उसकी कब्र पे मिलने, मरकर भी न जाने वो कितनी बार जिया होगा...!
Drama
'शराब' एक गम का प्याला
Robin Jain · 1 min read · 7.2K reads
आज भी तंग हैं बहुत, बहुत गम भी हैं जिस महफ़िल में हर शख्स अकेला होता है, जश्न मनाने उस महफ़िल में आज हम भी हैं...!
Drama
बाद नशे के
David Singh · 2 min read · 6.8K reads
मेरे मयकश अज़ीज़ दोस्तों के नाम एक मज्ज़हिया नज़्म पेश-ए-नज़र है. ग़लतियों को नज़रंदाज़ कीजिये, लुत्फ़ उठाइये और दाद देना ना भूलिए. कौन सा शेर सबसे अज़ीज़ था यह ज़रूर बताइयेगा.
Comedy